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Monday, March 1, 2021

shadi ki rasham kiuyn manaya jata hai, शादी की रसम क्यों मनाया जाता है।

शादी करने के समय  रश्मे क्यों मनाए जाते हैं

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शादी करने के समय  रश्मे क्यों मनाए जाते हैं?




 सगाई की अंगूठी क्यों पहनाई जाती है?


 शादी की पहली खास रसम होती है सगाई. हिंदू धर्म के अनुसार सगाई वाले दिन वर वधु यानी कि पति और पत्नी एक दूसरे के बाएं हाथ की अनामिका उंगली मैं अंगूठी पहनाते हैं. सगाई की इस रसम को अंगूठी पहना कर ही किया जाता है. अब हम आपको इस रसम के पीछे का वैज्ञानिक राज बताते हैं.


शरीर विज्ञान के अनुसार बाएं हाथ की चौथी उंगली में एक ऐसी नस होती है जो सीधे दिल से जुड़ी होती है. इस उंगली में अंगूठी पहनने पर नस पर दबाव पड़ता है जिस से दिल तक रक्त संचालन सही से होता है.

क्या आपको यह पता था अगर नहीं पता था तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर कमेंट करें।


शादी के पहले हल्दी का लेप शरीर पर क्यों लगाया जाता है?


आप सबको पता ही होगा हिंदू धर्म में शादी करने से पहले कई ऐसे नियम है या फिर आप बोल सकते हैं ऐसे रसम है जिसे करना बहुत जरूरी है. हमारे हिंदू धर्म में सभी लोग जानते हैं की शादी के पहले हल्दी की रसम निभाई जाती है लेकिन सब को यह नहीं पता कि हल्दी की रसम क्यों निभाई जाती है तो हम आपको यही बताएंगे कि शादी के पहले दिन हल्दी की रसम क्यों निभाई जाती है.


हल्दी लगाने से बर और वधु के त्वचा पर निखार आती है. और उनके चेहरे पर निखार के वजह से उन्हें देखने में भी बहुत ही सुंदर लगता है. और उनकी त्वचा थोड़ी सी चमकदार रहती है. कई लोगों का यह भी मानना है कि हल्दी की रसम से बर और  वधु को किसी भी तरह की बुरी नजर नहीं लगती. अगर आप किसी तरह हमारे भारतीय संस्कृति के बारे में जानना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं या फिर लिखे कि हम भारतीय संस्कृति के बारे में जानना चाहते हैं तो हम आपके लिए और एक जानकारी लेकर आएंगे।


लेकिन आपको क्या पता है इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण.अगर आपको नहीं पता तो आप नीचे पढ़ते रहें हम आपको इसके वैज्ञानिक कारण बताएंगे.


हल्दी में बहुत सारे औषधीय गुण होते हैं तथा हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण भी होता है. आपने सुना भी होगा कि बड़े बुजुर्ग भी कहते हैं कि अगर कहीं कट या फिर चोट लग जाए तो उस जगह पर हल्दी का लेप लगाना चाहिए क्योंकि हल्दी एकमात्र ऐसी चीज है जो कि बहुत जल्दी अपनी औषधि गुण को दिखाती है जिससे कटी हुई जगह पर या फिर दर्द हुई जगह पर दर्द तुरंत खत्म हो जाता है.


शादी के पहले दिन क्यों हाथ पर मेहंदी लगाई जाती है?

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आपने तो देखा ही होगा या फिर जिन लोगों ने शादी की है उन लोगों ने तो यह देखा ही होगा कि उनके हाथ और पैर में मेहंदी लगाई जाती है. क्योंकि हाथ और पैर पर मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म के अनुसार. मान्यता के अनुसार हाथों में जो मेहंदी लगाई जाती है अगर वह मेहंदी जितनी निखरेगी या फिर जितना गहरा उसका रंग होगा तथा  बर बधू में उतना ही गहरा प्यार और संबंध बनेगा.


अब हम आपको इसके पीछे वैज्ञानिक कारण को भी बताएंगे.  मेहंदी में एंटीसेप्टिक गुण रहता है. और मेहंदी लगाने से शरीर में ठंडक महसूस होती है ।जिससे तनाव और सिर दर्द और किसी भी तरह की चिंता से राहत मिलती है. इसलिए शादी के पहले ही बीमारी से बचने के लिए बर और वधु को मेहंदी लगाई जाती है. अगर आपको यह पता नहीं था तो नीचे कमेंट करके जरूर बताइए.


अग्नि के चारों ओर फेरे क्यों लगाए जाते हैं?


अब हम बात करेंगे शादी  के मुख्य रसम के बारे में. यह शादी का मुख्य रसम है इसमें बर और वधु को अग्नि के चारों ओर फेरे लगाने पड़ते हैं अगर इस रसम में यानी कि अग्नि के चारों और फेरे ना लगाए जाएं तो यह शादी मान्यता नहीं पाएगी. इसीलिए बर और वधु को अग्नि के चारों और सात फेरे लेने पड़ते हैं.


अब हम आपको इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण बताते हैं. वर वधु जब अग्नि के फेरे लेते हैं तब उनके साथ जो नकारात्मक ऊर्जा या फिर शक्ति रहती है वह नाश हो जाती है. इससे बर और वधू में सकारात्मक शक्ति का संचालन होता है.


मांग में सिंदूर क्यों भरा जाता है?

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हिंदू धर्म के अनुसार शादी के दिन दूल्हा दुल्हन के मांग में सिंदूर भर कर उसे अपनी पत्नी स्वीकार करता है। जिसके बाद परंपरा के अनुसार दुल्हन को हर दिन सिंदूर अपने मांग में भरना पड़ता है।

 इससे लोगों को यह समझ में आएगा कि इस महिला ने या फिर लड़की ने शादी कर ली है।और एक बात यह भी है कि लोग कहते हैं अगर लड़की अपने मांग में सिंदूर भर्ती है तो उससे यह फायदा होता है कि उसके पति का जीवन लंबी उम्र तक बढ़ जाती है.


हम आपको बताएंगे इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण

शरीर वैज्ञानिक के अनुसार मांग भरने वाली जगह पर यानी कि माथे से लेकर सिर के बीच तक दिमाग की एक महत्वपूर्ण तथा संवेदनशील ग्रंथि होती 

है.

एक संवेदनशील ग्रंथि होती है जिसे ब्रह्मरंध्र कहते हैं जब इस जगह सिंदूर लगाया जाता है तो यह एक औषधि का कार्य करता है जिससे दिमाग शांत भी रहता है। 

और दरअसल शादी के बाद महिला पर गिरहस्ती का दबाव आ जाता है जिससे तनाव चिंता अनिद्रा सिर दर्द आदि बीमारी घेर लेती हैं।

 सिंदूर में हल्दी चूना तथा पारा होता है जिससे दिमाग ठंडा रहता है. इसलिए मांग में सिंदूर भरा जाता है. इसकी और एक वैज्ञानिक कारण यह भी है कि सिंदूर में जो पाड़ा रहता है उससे पत्नी के अंदर सेक्स की इच्छा बहुत तीव्र जगती है. जो कि शादीशुदा जीवन के लिए बहुत जरूरी होती है.


हाथों में चूड़ी क्यों पहनी जाती है?


भारतीय संस्कृति के अनुसार स्त्रियों को शादी के बाद चूड़ी पहनना बहुत ही जरूरी है. क्योंकि चूड़ियां पहनने से शादीशुदा औरत या फिर महिला या फिर कुंवारी लड़की और भी सुंदर लगती है.

 मान्यता के अनुसार चूड़िया पति के नाम कि पहनी जाती है. अब हम आपको इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण बताते हैं.

आप सभी को पता होगा कि हाथों की कलाई के बीच बहुत सारे ऐसे पॉइंट मौजूद है जिससे हमारे अंदर एक सकारात्मक शक्ति प्रदान करती है. 

चूड़ियां पहनने से हमारे हाथों में जो बिंदु रहती है उसमे दबाव पड़ता है और हम सब समय सजग रहते हैं यानी कि सब समय एक्टिव रहते हैं।

इससे ब्लड सरकुलेशन सही रहता है और स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है और इसके साथ साथ शरीर में शांति भी बनी रहती है.


पैरों की उंगलियों में बिछबे की पहनी जाती है?


भारतीय परंपरा के अनुसार शादीशुदा औरत अपने पैरों में बिछबे पहनती है जिससे उनकी सुंदरता और भी निखरती है 

. इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण भी बताते हैं. पैर की दूसरी उंगली में एक नस होती है जो कि दिल से जुड़ी भी होती है. जब शादीशुदा औरत इसे पहनती है और इसे पहन कर जब इधर उधर काम करने के लिए या फिर चलती है तो इससे शादीशुदा औरतों के पैर की दूसरी उंगली में दबाव पड़ता है जिस से दिल तक जो रक्त संचालन होता है वह सही से हो पाता है और इससे हार्ट अटैक की दुर्घटना बहुत कम होती है.

 और यह बता दें कि यह बिछबे चांदी की होती है। चांदी ऊर्जा का स्रोत है जिससे हम सब समय ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं और हमें थकान भी नहीं महसूस होता है।


इसमें से अगर आपको किसी भी जानकारी को अच्छा लगा हो तो प्लीज कमेंट करके जरूर बताएं ।और दूसरों तक यह शेयर करें ताकि दूसरों को भी यह पता चले कि आप क्या क्या ज्ञान अर्जित करते रहते हैं हर समय।






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