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Friday, February 19, 2021

shabnam amroha case: अपने ही परिवार के 7 सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया इस लड़की ने

 शबनम एक ऐसी लड़की जो अपने ही परिवार के 7 सदस्यों को बेरहमी से अपने प्यार के लिए मार देती है



 शबनम एक ऐसी लड़की है जो आजाद भारत में एक पहली लड़की होगी जिसे फांसी दी जाएगी । शबनम को क्यों फांसी दी जाएगी इसके पीछे का कारण आप जानेंगे तो आप के आंसू नहीं रुकेंगे और आप नहीं सोच पाएंगे कि क्या एक लड़की अपने पूरे परिवार को एक बेहद दर्दनाक मौत दे सकती थी। क्या वह अपने प्यार के लिए इतने हद तक नीचे गिर सकते थे। क्या शबनम ने अपने परिवार के सभी सदस्य को इस तरह कैसे अपने हाथों से मार पाए। आगे बढ़ते रहिए हम आपको सब बताएंगे । लेकिन शबनम ने ऐसा क्या किया था कि जिसके वजह से उन्हें आजाद भारत की पहली ऐसी लड़की है जिन्हें फांसी दी जा रही है । शबनम को मथुरा जेल में फांसी दी जाएगी। मथुरा जेल ऐसा एक खेल है जहां महिलाओं को फांसी दी जा सकती है इसके लिए उनको छूट दी गई है ।

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यह खूनी  और दरिंदगी से भरी वारदात शुरू होती है 14 और 15 अप्रैल 2008 को। उत्तर प्रदेश के अमरोहा के हसनपुर जिले के बावन खेड़ी गांव के लोगों के जेहन में आज भी 14 15 अप्रैल 2008 आज की खूनी रात का डर है। शबनम ने अपने ही परिवार के 7 सदस्यों को बेरहमी से कत्ल कर दिया था इस घटना को करीब 13 साल हो गया है. अब हम आपको आगे यह बताने वाले हैं यह वारदात कैसे हुई और कैसे इसकी साजिश की गई।


शबनम के पिता का नाम शौकत अली था जोकि एक शिक्षक थे या फिर आप बोल सकते एक टीचर थे। शौकत अली का बहुत नाम था। उन्होंने अपनी बेटी को यानी कि शबनम को बहुत पढ़ाया लिख आया। और शबनम ने जियोग्राफी में और अंग्रेजी में मास्टर्स की। पढ़ाई खत्म होने के बाद शबनम अपने गांव में छोटे बच्चों को पढ़ाने लगी।

किसी ने नहीं सोचा था कि यह लड़की ऐसा काम कर सकती थी या फिर कर सकती है। उनके पापा यानी कि शौकत अली पैसे वाले भी थे। शबनम का प्यार शुरू हुआ था उसके हवेली से ही।


शौकत अली के हवेली के सामने एक मजदूर सलीम अली काम करता था। जो कि कम पढ़ा लिखा था और पैसे वाला भी नहीं था। अकबर सलीम अली शौकत अली के घर पर काम करने आता था वहीं से प्यार का सिलसिला शुरू हुआ शबनम और सलीम के बीच। और दोनों के प्यार ने ऐसे खूनी वारदात का अंजाम दिया। धीरे धीरे दोनों में प्यार हुआ और वहां मिलने झूलने लगे। और शबनम रात को सलीम अली को अपने घर में बुलाने लगी। जब सलीम शबनम के घर आने के लिए तैयारी करता था। तब शबनम अपने पूरे घर में जो जो सदस्य हैं उनको चाय पिलाने के बहाने चाय में नींद की गोली दे देती थी जिसके वजह से सब सदस्य सो जाते थे । सोने के बाद ही शबनम फोन करके सलीम को बुला लेती थी अपने घर में और दोनों प्यार में खो जाते थे ।


सलीम कम पढ़ा-लिखा लड़का था और वह मुस्लिम समाज के दूसरी जाति का लड़का था। और सलीम का और शबनम का आर्थिक रूप से कोई भी समांतर नहीं था। जब परिवार वालों ने शबनम और सलीम के प्यार के बारे में जाना तब शबनम के घर वालों ने उसे समझाया उसे मना भी किया कि यह शादी नहीं हो पाएगी। लेकिन शबनम सारी बातें समझ नहीं पा रही थी। कुछ दिन बाद जब शबनम पूरी तरह समझ गई कि अगर सलीम को पाना है तो कुछ ऐसा करना पड़ेगा जिससे वह सलीम को सारा जीवन उसके साथ रहा पाय । और अपने पिताजी का संपत्ति भी खोना नहीं चाहते थे शबनम।


दोनों ने मिलकर एक वारदात को अंजाम दिया जिस दिन यह वारदात होने वाली थी उससे ही दिन शबनम की एक कर्जन राबिया भी उसके घर आई थी। 14 अप्रैल 2008 को इस वारदात को अंजाम दिया गया। सलीम रात को शबनम के घर एक कुल्हाड़ी लेकर आया था। शबनम के घर में तीन कमरे थे जिसमें उसके सारे परिवार के सदस्य सो रहे थे । जिस दिन यह वारदात किया जाने वाला था उस दिन शबनम सारे परिवार के सदस्यों को चाय पिलाने के बहाने चाय में नींद की गोली दे दी थी जो खाते ही उसके सारे परिवार के सदस्य सो गए थे। उसके सारे परिवार के सदस्यों सो जाने के बाद ही शबनम अपने प्यार सलीम को फोन करके बुलाई। फोन करने के संग संग सलीम भी उसके घर में आया हाथ में कुल्हाड़ी लेकर। सलीम और शबनम एक एक करके तीन रूम में जाकर उसके परिवार के 6 सदस्य को कुल्हाड़ी से काट दिया । शबनम पहले रूम में गई और हाथ में टच ली थी।


शबनम एक एक सदस्य को देख रही थी टॉर्च मार के कि वह सोए हुए हैं कि नहीं। जब वह टॉर्च मारती थी परिवार के सदस्य के मुंह पर तब सलीम एक झटके में ही कुल्हाड़ी से कुछ सदस्य का गला काट के नीचे गिरा देता था ।तो ऐसे   करते करते सलीम और शबनम ने शबनम के 6 परिवार के सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया वह भी बेहद बेरहमी से । आपको भी यह जानकर हैरानी हो रही है कि ऐसा कोई लड़की क्या कर सकती है अपने प्यार को पाने के लिए। आपको भी यह पढ़कर आंख में आंसू तो है ही होगा। लेकिन यहां पर ही खत्म नहीं होता शबनम का खूनी वारदात चलती रही .


जब परिवार के 6 सदस्य को सलीम ने मार दिया तो मारने के बाद ही सलीम अपना वह खून से लथपथ कुल्हाड़ी लेकर चला गया। सलीम के चले जाने के बाद ही शबनम ने सारे दरवाजे बंद करने चालू कर दिए। दरवाजा बंद करने के बाद ही भीतर से एक बच्चे की रोने की आवाज आने लगी। शबनम ने पीछे दरवाजा खोलकर देखने के लिए झांका तो उसे अपना भतीजा अर्थ दिखाई दिया। ज्योति अपने माता पिता के खून से लथपथ शरीर के बीच में बैठ कर रो रहा था।


हाला की सलीम खून करने के बाद ही वहां से चल दिया था खूनी से लथपथ कुल्हाड़ी लेकर। शबनम ने दौड़कर किचन का दरवाजा खोला और वहां से तेज धारदार चाकू लेकर आ कर अपने खुद के ही भतीजे का गला धड़ से अलग कर दिया। उसके तुरंत ही उसका भतीजा छटपटाते छटपटाते ही मर गया। क्या आप सोच पा रहे होंगे कि यह लड़की को ऐसा करके क्या मिला होगा।


क्या आप भी चाहते हैं कि इस लड़की को फांसी की सजा दी जाए या फिर इस से भी बदतर सजा दी जाए तब कमेंट बॉक्स में जरूर कमेंट करें। इसके बाद ही कल शबनम रोते हुए खींचते हुए सारे मोहल्ले के आदमी को बुलाने लगी। जब मोहल्ले वाले देखने के लिए आए तो देख कर उनके रोंगटे खड़े हो गए।


शबनम ने सब को यह बताया था कि वह इस दिन रात को अभी मिलते नहीं थी वह अभी लेकर पीछे सो रही थी। सब को यह बताया शबनम ने की डकैती के लिए यह खूनी बारात किया गया है। इसके बाद पुलिस भी आती है और इस मामले की जांच भी करती है। मामले की जांच करते करते पुलिस को यह भी अंदाजा हो जाता है कि यह डकैती के लिए नहीं किया गया है ।


लेकिन कोई पक्का सबूत नहीं मिलने के बावजूद पुलिस कुछ कदम नहीं उठा पा रही थी। शबनम पकड़ी ना जाए तो इसके डर से वह अपने कर्जन रबिया का लव अफेयर को बीच में लेकर आ रही थी ताकि पुलिस को रबिया के ऊपर शक हो जाए। उसके बाद ही तीसरी दिन जब जांच चलाई गई तो एक लेडीस कांस्टेबल को शबनम के किचन से एक सिम कार्ड मिली। जो सिम कार्ड एक चाय पत्ती की डिबिया में था।


जब पुलिस ने सिम कार्ड का पता लगाया और इस सिम कार्ड का कॉल लिस्ट चेक किया तो पता चला कि यह सिम कार्ड से 50 बार सलीम को फोन लगाया गया था उस दिन जिस दिन यह वारदात हुई थी। मिस कॉल लिस्ट के बाद शबनम से पूछताछ करते समय शबनम अपना गुनाह कबूल कर लेती है और पुलिस को साडे बातें बता देती हैं। इसके बाद शबनम और सलीम दोनों गिरफ्तार किए जाते हैं। हम आपको यह बता दे की शबनम का जो परिवार था वह रात को खाने के बाद चाय जरूर पीते थे इसी दौरान शबनम ने चा य में नींद की गोली डाल दी थी जो पीते ही समय मैं सब कोई सो गए थे उसके बाद ही यह वारदात किया गया था।


इस वारदात में और एक बड़ी मोर तब आई थी जब मेडिकल जांच में पता लगा कि शबनम 2 महीने गर्भवती थी। दिसंबर 2008 में शबनम ने जेल में ही एक बेटे का जन्म दिया। बेटे का नाम ताज रखा गया। शबनम का बेटा एक दंपति को दे दिया गया था जो उसे अभी पाल पोस रहे हैं और शबनम का बेटा अभी 12 साल का हो गया है जो अभी सिक्स में पड़ता है। इस मामले में अमरोहा कोर्ट में 2 साल 3 महीने तक सुनवाई चली थी जिसके बाद 15 जुलाई 2010 को जिला जज ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई। इसके बाद ही दोषी शबनम ने इस मंजूरी को ना मानते हुए एक दया याचिका भेजी थी राष्ट्रपति जी को लेकिन यह दया याचिका खारिज कर दी गई थी।


आजादी के बाद शबनम एक पहली महिला हैं जिन्हें फांसी दी जाएगी। आपको क्या लगता है शबनम और सलीम को फांसी देना चाहिए या फिर इस से भी बदतर सजा उनको देना चाहिए आप अपना मूल्यवान वक्तव्य हमारे कॉमेंट बॉक्स में कमेंट करके बताइए कोई स्टाफ और इसे शेयर भी करें ताकि लोगों को भी पता चले इस खूनी हैवानियत की बड़ी वारदात के बारे में



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