Breaking

Friday, February 26, 2021

हिंदी मोटिवेशनल कहानियां।100 motivational stroys

 अगर आप किसी से बेईमानी करते हैं तो आपको भी अंत में बेईमानी ही मिलेगी।

आज मैं आपसे एक सच्ची घटना को बताऊंगा। हो सके इस सच्ची घटना से आप का भी कुछ भला हो जाए और आप भी सच्ची घटना से बहुत कुछ सीख सकें।

यह बात बहुत दिन पुरानी  है एक छोटे गांव में एक आदमी रहता था जिसके पास एक गाय थी और वह खेती-बाड़ी भी करता था। वह आदमी बहुत ही गरीब और मन का सीधा सादा और सरल था। यह आदमी एक गांव में रहता था तो इसलिए उसे हर तरह की मदद लेने के लिए शहर जाना पड़ता था।

Motivational Stories in Hindi for employees, Dar Motivational story in Hindi, Emotional Motivational Story in Hindi, Real life Motivational Story in Hindi, Exam Motivational story in Hindi, Motivational Story in Hindi for Kids, Motivational story in Hindi for sales team, Time Motivational Story in Hindi
हिंदी मोटिवेशनल कहानियां।100 motivational stroys



वह आदमी के पास जो गाय था उस गाय के दूध से वह आदमी माखन और पनीर भी बनाता था। लेकिन गांव में हर एक घर में गाय थी तो उसके बनाएं हुए माखन को उसके गांव के लोग तो नहीं खरीदते थे। क्योंकि सब के पास तो गाय थी तो क्यों वह माखन खरीदेंगे उससे।


यह आदमी इतना गरीब था की वह अपना माखन बेचकर अपने परिवार को चलाता था।

एक दिन उसके ही एक गांव वाले ने उसे कहा कि भाई तुम्हारा तो माखन कोई गांव में खरीदेगा नहीं क्योंकि यहां पर सभी लोग माखन अपने घर में ही बनाते हैं। तो तुम एक काम करो यह माखन तुम ले जाकर शहर में बेचकर आओ वहां से जो पैसा मिलेगा उससे तुम अपना जीवन गुजार सकोगे। 

उसके बाद ही यह आदमी सोचने लगा इसने जो कहा यह तो सही कहा है कि यहां तो कोई उसका माखन खरीदेगा नहीं क्योंकि यहां पर सब कोई माखन अपने घर पर ही बनाते हैं तो माखन कोई क्यों खरीदने जाए तो इससे अच्छा मैं अपना माखन शहर में ही बेच दूं और जो पैसा मिलेगा उसे अपना जीवन गुजार लूंगा और अपने परिवार का पेट भी पाल लूंगा।


उसके बाद दिन ही यह सरल आदमी अपने माखन को लेकर चला गया शहर में बेचने के लिए। वह अपना माखन शहर के एक बड़े दुकान में बेचता था और वहां से जो पैसा मिलता था उससे घर चला लेता था।


लेकिन एक दिन ऐसा हुआ की यह व्यक्ति जिस दुकान में अपना माखन बेचता था। उस दुकानदार ने एक दिन सोचा कि मैं जो इस आदमी से माखन ले रहा हूं क्या यह आदमी मुझे जो माखन दे रहा है यह क्या असली माखन है या फिर मिलावटी माखन है। 

यह देखने के लिए किया असली माखन है कि नहीं उसने माखन को परखना शुरू किया तो उसके बाद दुकानदार को पता चला की सच में यह माखन असली है और खाने लायक है। दुकानदार यह देख कर बहुत खुश हुआ की वह जिससे माखन ले रहे हैं वह आदमी बहुत ही नेक और ईमानदार है।


कुछ दिन बाद ही फिर दुकानदार को ऐसा लगा की जो आदमी उसे माखन दे रहा है यानी कि यह सरल आदमी जो उसे माखन देता है वह माखन कम क्यों लग रहा है आगे के मुकाबले से।


फिर से दुकानदार ने माखन को परखना चालू किया। यहां गांव का आदमी उसे हर एक दिन 1 केजी का माखन का पैकेट देता था। लेकिन दुकानदार ने देखा कि माखन का वजन शायद कम है इसी वजह से यह दुकानदार माखन को वजन करने लगा। तभी दुकानदार ने देखा कि एक गांव का आदमी जो उसे माखन देता था उसका माखन 100 ग्राम कम है यानी कि उसे देना चाहिए था दुकानदार को एक केजी माखन लेकिन वह आदमी दुकानदार को देता था सिर्फ 900 ग्राम माखन।


यह देखकर दुकानदार बहुत ही गुस्सा हो गया वह सोचने लगा कि यह सरल व्यक्ति जो कि बहुत ईमानदार था उसने ऐसा मेरे साथ क्यों किया उसने मुझे इतने कम माखन क्यों दिया।मैंने तो उससे एक केजी का माखन खरीदा था लेकिन मुझे वह 900 ग्राम ही माखन देता है।


दुकानदार ने जब देखा कि माखन का वजन कम है तब वह बहुत गुस्सा हो गया और मन में ही सोचने लगा अगर दूसरे दिन यह गांव का आदमी मुझे माखन देने आएगा तो मैं उसे साफ साफ मना कर दूंगा और मैं उसे साफ साफ यह भी कह दूंगा कि मुझे अब तेरी माखन नहीं चाहिए तू झूठा है।


उसके बाद दिन ही सुबह वह गांव का आदमी जो रोज दुकानदार को माखन देता था वह फिर से सुबह माखन देने आया इस दुकानदार को। तभी दुकानदार ने उसे चिल्लाते हुए और गुस्से से बोलने लगा कि मुझे तुमसे आज से माखन नहीं लेना तुम मुझे माखन बहुत कम देते हो ।

बल्कि मैं तुम्हें मक्खन का पैसा ठीक और पूरी तरह देता हूं तुम मुझे माखन बहुत कम देते हो और मुझसे बेईमानी भी किया तुमने बहुत दिनों से । तुमसे अब माखन नहीं लूंगा।

 वह दुकानदार गुस्से से यह भी कहां कि तुम से आज से जो माखन खरीदेगा  उन सभी को मैं बता दूंगा कि तुम बेईमान हो और सभी को मक्खन बहुत कम देते हो। और तुम्हारी यह हरकतें सारे दुकानदार को बता दूंगा।

जब दुकानदार मुझसे पूछने लगा कि तुम मुझे 900 ग्राम माखन क्यों देते हो जबकि मैं एक केजी मक्खन का पैसा देता हूं तुम्हें।


उसके बाद यह गांव का आदमी रोते हुए यह कहा की मेरे पास वजन करने के लिए किसी भी तरह का नया मशीन नहीं है। और वजन करने के लिए जो बटखारा लगता है वह मेरे पास नहीं था वह कहीं गुम हो गया था।

मेरे पास एक पुराना तराजू है लेकिन वजन करने के लिए जो वजन लगता है वह मेरे पास नहीं है।


तो दुकानदार बोला उससे कि तुम्हारे पास जब बटखारा नहीं था वजन करने का जो सम्मान होता है वह नहीं था तो तुम कैसे वजन करके देते थे लोग को माखन?


यह गांव का आदमी बोलने लगा कि मैं जब आपको माखन बेचता था तो आप जो माखन का पैसा देते थे तो मैं उस पैसे से आपसे एक केजी चीनी लिया करता था आपको मालूम है। 

तो दुकानदार बोलता है हां मुझे मालूम है तुम मुझे जो माखन देते थे उसके बदले तुम मुझसे एक केजी चीनी ले जाते थे ।तो उससे क्या?


तो वहां गांव का आदमी बोला कि जो आप मुझे चीनी देते थे एक पैकेट में वजन करके जो आप कहते थे कि यह एक केजी चीनी है। तो मैं वह एक केजी चीनी को अपने वजन करने के तराजू के एक हिस्से में रखता था जहां आपका यह एक केजी चीनी का पैकेट रहता था और दूसरी तरफ मेरे माखन का पैकेट। 

तो मैं उसी से अंदाजा लगा लेता था की आपका चीनी का पैकेट अगर 1kg है तो मैं अगर 1kg मक्खन आपको दूंगा तो दोनों तराजू मैं सामान ही होंगे तो मैं वैसे ही करके माखन पैकेट में भरता था। तराजू के एक तरफ मक्खन का पैकेट रखता था और एक तरफ आपका चीनी का पैकेट तो दोनों ही वजन में बराबर रहते थे तो मैं जान जाता था कि यह माखन मेरा एक केजी का है।


दुकानदार तो चौक गया कि भाई मैं तो इसे खुद ही बहुत कम चीनी देता था मैं यह जो व्यक्ति मुझे एक केजी माखन बेचता था मैं उसे उसके पैसे के बदले सिर्फ 900 ग्राम चीनी ही देता था इसीलिए आज मुझे यह दिन देखना पड़ा ।

अगर मैं उसे 900 ग्राम चीनी के बदले अगर एक केजी चीनी देता तो वह जो व्यक्ति मुझे अभी माखन दे रहा है तो उसका जो वजन करने का तरीका था उसमें अगर मेरा 1kg पैकेट चीनी का रहता तो आज मैं भी बड़ाबड़ माखन का हकदार होता।


 अगर आपको इस सच्ची घटना से कुछ सीखने को मिला या फिर आपको लगा होगा कि यह सच्ची घटना आपको प्रेरणा देती है तो प्लीज आप कमेंट बॉक्स में कमेंट जरूर करके बताएं ।

ताकि हम आपको हर एक सच्ची घटना बताएंगे जो कि आपके जीवन में प्रेरणा से भर देगी और आप एक खुशहाल जीवन जी सकेंगे और इसे शेयर करना ना भूले और हमारे वेबसाइट में रोज आइए धन्यवाद

No comments:

Post a Comment